नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला से ज्यादा भवन निर्माण पर रोक के आदेश को हिमाचल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार 15 बिंदुओं को आधार बनाकर उच्चतम न्यायालय गई है।
सरकार ने भवनों की मंजिलें निर्धारित करने के अधिकार क्षेत्र, पर्यावरण सेस एवं जुर्माना राशि निर्धारण जैसे बिंदुओं को आधार बनाकर चुनौती दी है। एनजीटी ने 165 पन्नों के आदेश में शिमला में ढाई मंजिल से ज्यादा भवन निर्माण पर रोक लगाई है।
इसके अलावा 45 डिग्री से ज्यादा स्लोप वाली जमीन पर भी भवन निर्माण प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे शिमला प्लानिंग एरिया में भवनों का निर्माण रुका पड़ा है। सरकार का मानना है कि शिमला में 45 डिग्री से कम वाली जमीन नहीं बची है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 3 से 4 मंजिला भवन की अनुमति दिए जाने की अपील की है। सरकार ने यह भी दलील दी है कि मंजिल संख्या में कमी करने से प्लानिंग एरिया में ज्यादा संख्या में भवनों का निर्माण होगा।