मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में विधायकों को वोटिंग का अधिकार देना सरकार का सही फैसला है। यह बात मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने शनिवार को शिमला में पत्रकारों से कही।
चौहान ने कहा कि लंबे समय से विधायकों की ओर से मांग की जा रही थी कि विधायकों को मत देने का अधिकार भी दिया जाना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में भी नगर निगम महापौर व उपमहापौर के चुनाव में सांसद भी वोट डालते हैं। ऐसे में हिमाचल में विधायकों को वोटिंग अधिकार देना गलत नहीं है।
चौहान ने कहा कि डबल इंजन सरकार होने का दावा करने वाली पूर्व भाजपा सरकार ने ही प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया। उन्होंने 10,000 करोड़ का कर्ज लेने के भाजपा के आरोप को सिरे से खारिज किया। कहा कि केंद्र सरकार ने एक साल में केवल 6,000 करोड़ रुपये का ऋण लेने और विदेशी अनुदान की भी सीमा तय कर दी है, जिससे प्रदेश के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने का आरोप लगाने वाली पूर्व की जयराम सरकार ने खुद एक साल में 15,000 करोड़ रुपये तक का ऋण ले लिया था।