मेरी छवि की जा रही धूमिल, अब कोर्ट जाएंगे, सीएम को बनाएंगे पार्टी : जयराम
। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत सबसे पहले कांग्रेसियों को सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से त्यागपत्र मांगना चाहिए। कहा कि विधानसभा उपचुनाव देहरा में चुनाव आचार संहिता के बीच महिला मंडलों को धनराशि ट्रांसफर की गई। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। आरोप लगाया कि जनसंपर्क विभाग की हायर की गई एजेंसी के जरिये उनकी छवि धूमिल की जा रही है। इसके लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। सीएम सुक्खू को पार्टी बनाया जाएगा।
मंडी में पत्रकारवार्ता में जयराम ने कहा कि 45 करोड़ ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) मामले में कांग्रेस सरकार कटघरे में है। अपने लोगों को लाभ देना ही कांग्रेस का काम है। मुख्यमंत्री सुक्खू इस समय कई संदिग्ध छवि वाले अधिकारियों की मदद लेकर उनके चंगुल में फंस चुके हैं, जिससे निकलना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया है। यह बेहद खतरनाक स्थिति है। उनकी ऐसी भी क्या मजबूरी बन गई है कि आज पूरा प्रदेश कार्यवाहक अधिकारियों के भरोसे चल रहा है।
जयराम ने कहा कि अधिकारी को पद से हटाने पर राज खुल सकते हैं। सही मायने में मुख्यमंत्री ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि वह किसी की नियुक्ति अपने हिसाब से कर सकें। कुछ अधिकारी सरकार के टूल बनकर काम कर रहे हैं, उन्हें भी यह याद रखना चाहिए कि उनके हर फैसले की समीक्षा कभी भी हो सकती है। कहा कि सुक्खू सरकार को एफआईआर करने की सनक सवार हो गई है। अब सरकार ने बच्चियों पर भी एफआईआर दर्ज कर दी। कुल्लू तहसीलदार मामले में जयराम ने कहा कि देव आस्था के प्रति आस्था का भाव होना चाहिए।
दाड़लाघाट में बच्चों पर मामला दर्ज होना निंदनीय : जमवाल
शिमला। भाजपा विधायक और वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने कहा की हिमाचल प्रदेश में तानाशाही वाली कांग्रेस सरकार चल रही है जो बात-बात पर जनता पर केस और एफआईआर करने में आगे रहती है। हाल ही में सोलन के दाड़लाघाट इलाके में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चों और जनता ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लंबे समय से कार्यक्रम के बाद उनको भोजन प्राप्त नहीं हुआ और इस तानाशाही सरकार ने उसके खिलाफ भी एक एफआईआर दर्ज कर दी। यह कार्य अति निंदनीय है इस प्रकार की प्रतिशोध की राजनीति आज तक हिमाचल प्रदेश में कभी भी देखने को नहीं मिली है।
जमवाल ने कहा कि बच्चियों के विरुद्ध हुई एफआईआर को सरकार की ओर से तुरंत रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छा होता की सामान्य प्रशासन पर केस दर्ज होता। प्रदेश के शिक्षकों ने अपनी आवाज उठाई थी तो एक दिन में कांग्रेस सरकार ने 900 से अधिक एफआईआर दर्ज कीं। सचिवालय के बाहर जो लोग देख और सुन नहीं सकते, उन्होंने अपने हितों की आवाज उठाई तो उन पर भी एफआईआर दर्ज कर दी गई। विपक्ष ने जब सरकार के खिलाफ आवाज उठाई तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी पर भी एफआईआर दर्ज कर दी गई।