नगर निगम ने अवैध निर्माण सहित दूसरे नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। पुराने नियमों में फेरबदल करते हुए अब अवैध निर्माण के दोषी व्यक्ति को तीन माह तक की कैद की सजा हो सकती है।
इसके अलावा जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है। जुर्माना दस हजार रुपये, रोजाना एक हजार रुपये तय किया गया है। इसके अलावा नगर निगम की पानी की मुख्य लाइन से अवैध तौर पर कनेक्शन जोड़ने वालों पर ही अब दस हजार रुपये का जुर्माना होगा।
नगर निगम सदन की स्वीकृति के लिए यह मामला जाएगा। सदन ने हरी झंडी दे दी तो नियमों की अवहेलना करने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नगर निगम की जनरल फंक्शन कमेटी ने पुराने नियमों में संशोधन किया है।
कोई व्यक्ति स्वीकृत नक्शे से बाहर या बिना नक्शा स्वीकृत करवाए भवन निर्माण करेगा तो उसे तीन माह की कैद हो सकती है। अवैध निर्माण करने वाले पर कार्रवाई के तहत पांच हजार के बजाए दस हजार रुपये जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है।
हर हाल में तोड़ना होगा अवैध निर्माण
इसके अलावा अवैध निर्माण नहीं तोड़ने की सूरत में प्रतिदिन एक हजार रुपये का जुर्माना भी चुकाना होगा। नगर निगम आयुक्त के कोर्ट में मामला चलेगा। साथ ही निगम की मेन लाइन से अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति कनेक्शन लेता हुआ पकड़ा गया तो उसे दस हजार रुपये का जुर्माना भुगतना होगा।
कृष्णानगर वार्ड में इस तरह के दर्जनों मामले हैं। शहर में अगर कोई व्यक्ति पानी और सीवरेज की लाइन नगर निगम से पंजीकृत पलंबर के अलावा किसी अन्य से करवाता है तो 2500 रुपये का जुर्माना लगेगा। पहले यह जुर्माना पांच सौ रुपये था।