उन्होंने कहा कि विकास कार्य पहले ही ठप पड़े हैं और अब सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं से हाथ खींचने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी बंद होने का निर्णय केवल हिमाचल के लिए नहीं, बल्कि देश के 17 राज्यों के लिए लिया गया है। इसकी जानकारी सरकार को पहले से थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता को गारंटियां प्रदेश सरकार ने दी थीं, केंद्र ने नहीं। इसलिए उन्हें पूरा करना भी राज्य सरकार की ही जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र की अनिश्चितता को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इससे पहले पूर्व सीएम ने शनिवार को ज्वालामुखी के धुईं दी वा में आयोजित दंगल मेले में शिरकत की। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा मंडल पदाधिकारी और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।