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Shimla News: एक दांत के उपचार में लगते हैं दो दिन, दिक्कत में मरीज

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डीडीयू अस्पताल में दांतों के एक्सरे के लिए महज एक घंटे का दिया है समय, ओपीडी में देरी पर दूसरे दिन फिर आना पड़ता है अस्पताल
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क्रॉसर

एक ही एक्सरे मशीन होने से भी हो रही है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में दांत दर्द या दांतों का उपचार करवाना आसान नहीं है। पर्ची बनवाने, ओपीडी में दिखाने से लेकर एक्सरे करवाकर फिर से डॉक्टर के पास तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में कम से कम दो दिन का समय लग जाता है।
दांत दर्द चाहे जितना भी हो रहा हो उपचार में इतना समय लगेगा ही। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद एक्सरे लिखे जाने पर मरीज को एक्सरे के लिए ओल्ड ब्लॉक से न्यू ब्लॉक में जाना पड़ता है। यहां अगर साढ़े ग्यारह बजे तक पहुंचे तो ठीक नहीं नहीं तो अगले दिन ही एक्सरे के लिए आना होगा। डीडीयू अस्पताल में एक्सरे साढ़े ग्यारह से साढ़े बारह बजे तक होते हैं।
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दांत दर्द की आम दवा लेने और पुराने केस के फॉलोअप की प्रक्रिया में इतना समय नहीं लगता। दांत को उखाड़ने के मामले में चिकित्सक और मरीज की कोशिश होती है कि दांत ठीक हो सके तो उसे बचाएं लेकिन डीडीयू अस्पताल में एक्सरे तथा उसके बाद इसका उपचार करवाने की प्रक्रिया लंबी है। अस्पताल में एक्सरे करवाने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। यहां एक्सरे की एक ही मशीन और एक ही कर्मचारी के जिम्मे एक्सरे करवाने का कार्य है। एक्सरे करने का तरीका भी पुराना है। निजी क्लीनिकों में एक ही कमरे में एक्सरे से लेकर दांतों का पूरा उपचार करवाने की सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। डीडीयू अस्पताल में ऐसा नहीं है। इसके लिए आवश्यक आधुनिक उपकरणों की जरूरत है। इसकी मुख्य वजह एक्सरे की एक मशीन का खराब होना है। स्टाफ की भी कमी है।
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विभाग को कई लिख चुके हैं पत्र : डाॅ. लोकिंद्र
दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लोकिंद्र शर्मा ने कहा कि एक्सरे मशीन को ठीक करवाने के लिए निजी लैब प्रबंधन और विभाग को कई बार लिख चुके हैं। इस पर आगामी कार्रवाई विभाग ही कर सकता है। डेंटल एक्सरे अस्पताल की ही मशीन से किए जाते हैं लेकिन इसके लिए समय निर्धारित किया है। डेंटल ओपीडी में स्क्रीन पर एक्सरे देखने की व्यवस्था है, लेकिन मरीज कहीं ओर भी उपचार करवाना चाहे तो इसके लिए एक्सरे मशीन से ही टेस्ट करवाए जाते हैं।
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