डिग्री कॉलेज धर्मशाला चंद्रमा और पृथ्वी के बीच संबंध, चंद्रमा की सतह एवं यहां पर खनिज पदार्थों की संभावनाओं पर शोध करेगा। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) बंगलूरू ने धर्मशाला कॉलेज के भूगर्भ विज्ञान विभाग को यह प्रोजेक्ट सौंपा है। उत्तर भारत में जेएनयू के अलावा धर्मशाला कॉलेज ही एकमात्र शिक्षण संस्थान है, जो चंद्रमा पर शोध करेगा।
प्रोजेक्ट के तहत चंद्रमा की व्युत्पत्ति, इसकी बाहरी सतह कैसे बनी है, कौन-कौन सी चट्टानें हैं, खनिज पदार्थों की संभावना, चंद्रमा की आयु, पृथ्वी के साथ संबंध सहित चंद्रमा में 600 किलोमीटर के क्रिएटर (गड्ढे) पर भी शोध किया जाएगा।
इसमें इस क्रिएटर के बनने और इसके आकर पर भी शोध होगा। चंद्रमा पर इस शोध के लिए इसरो के भेजे गए चंद्रयान सैटेलाइट का डाटा प्रयोग किया जाएगा। इसमें चंद्रयान के जरिए जो फोटो खींचे गए हैं, उनके आधार पर चंद्रमा पर स्टडी की जाएगी।