राजधानी में एचआरटीसी के फरमान मजाक बनकर रह गए हैं। रात आठ से सुबह सात बजे तक लांग रूट की बसों को पुराने बस स्टैंड भेजने के निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। इनका पालन नहीं हो रहा। इससे हर रोज रात के समय यात्री परेशानी झेलने को मजबूर हैं। एचआरटीसी सहित हरियाणा और पंजाब रोडवेज के चालक बसों को सीधे आईएसबीटी ले जा रहे हैं।
हैरानी इस बात की है कि बसों पर किसी का चैक नहीं। इससे ओल्ड बस स्टैंड सहित शहर के अन्य उपनगरों को जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो रही है। सीटू जिला कमेटी और शिमला नागरिक सभा ने एचआरटीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन से रात के समय सभी बसों की ओल्ड बस स्टैंड में एंट्री सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष ईश्वर वर्मा का कहना है कि टूटीकंडी आईएसबीटी से बसों का संचालन शुरू होने के बाद बाहरी क्षेत्रों से शिमला पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रात के समय बसों को ओल्ड बस स्टैंड आना अनिवार्य किया गया था। एचआरटीसी प्रबंधन ने तय किया गया था कि रात आठ बजे के बाद आने वाली सभी बसों को पहले पुराने बस स्टैंड आकर यात्रियों को उतरना होगा।
उसके बाद यह बसें टूटीकंडी बस स्टैंड जाएंगी, लेकिन अब संशोधित ट्रैफिक प्लान का उल्लंघन किया जा रहा है। चालक बसें ओल्ड बस स्टैंड नहीं ला रहे जिसके चलते लोगों को भारी भरकम टैक्सी किराया चुका कर घर पहुंचना पड़ रहा है।
सीटू के जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने बताया कि रात के समय दिल्ली, चंडीगढ़, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू आदि क्षेत्रों से करीब 56 बसें शिमला आती हैं। यह बसें टूटीकंडी बस स्टैंड में रुक जाती हैं, इससे लोगों को ओल्ड बस स्टैंड सहित शहर के अन्य उपनगरों तक जाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।