बोले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री जल्द दें इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा नीट और इसके बाद नेट तथा अन्य परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में एसएफआई की विवि इकाई ने वीरवार को एचपीयू परिसर में प्रदर्शन किया।
एसएफआई नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान एनटीए को समाप्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा।कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी ढंग से करवाने और इसमें गड़बड़ियों को रोकने में एनटीए पूरी तरह से विफल रहा है। इसलिए इस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को बंद किया जाए। राज्य कमेटी के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में शामिल राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और सचिव दीनित देंटा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के शासनकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को आयोजित करने में अक्षम साबित हुई है। इन परीक्षाओं में गंभीर भ्रष्टाचार और विसंगतियां पाई गई हैं।
नीट-पीजी परीक्षा को स्थगित करना पड़ा है। यूजीसी नेट परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए थे लेकिन पेपर लीक की रिपोर्ट आने पर परीक्षा रद्दद करनी पड़ी। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ऑफ मेडिकल साइंस जो सीधे स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आता है उन्होंने भी पेपर लीक और अनियमिताओं के प्रकारों का हवाला देते हुए अंतिम समय में नीट पीजी प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। विभागों में खाली पड़े 35 लाख पदों पर भर्तियां नहीं हो रही हैं, वहीं नीट और यूजसी नेट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधलियां सामने आ रही हैं। हिमाचल में भी इस परीक्षा के कई परीक्षा केंद्रों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी। अधिकांश केंद्रों पर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के लोगों को परीक्षा ड्यूटी पर लगाया था। पीएचडी प्रवेश के लिए अनिवार्य नेट स्कोर की हाल ही में अपनाई गई प्रणाली को वापस लेने की विवि प्रशासन से मांग की।