फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच में खुलासा: चपरासी ही दे रहा था आईटी परीक्षा में निरीक्षक की ड्यूटी

Sat, 24 Mar 2018 12:40 PM IST
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की जूनियर इंजीनियर आईटी की भर्ती परीक्षा में चपरासी को निरीक्षक लगाने की ‘अमर उजाला’ की खबर पर मुहर लग गई है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में साफ है कि चपरासी को उस दिन निरीक्षण की ड्यूटी दे दी गई।

विज्ञापन


परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने जांच में माना कि उनसे चूक हुई है और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को आईटी इंजीनियर की परीक्षा में निरीक्षक तैनात किया गया। विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित अधिकारी ने अजीबोगरीब तर्क दिया है।

परीक्षा केंद्र अधीक्षक का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी (चपरासी) को परीक्षा केंद्र में नियुक्त करना पड़ा। कर्मचारी चयन आयोग ने एसडीएम से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन


एसडीएम ने रावमापा बाल की प्रधानाचार्य से इस मामले में पूछताछ की। प्राधानाचार्य ने बताया कि जेई आईटी की परीक्षा में एक अभ्यर्थी दृष्टिदोष दिव्यांग था, जिसके लिए अलग से हेल्पर तैनात किया गया था। यह जांचने के लिए कि कहीं हेल्पर नियमों के विपरीत अभ्यर्थी की मदद तो नहीं कर रहा।

इसके लिए अतिरिक्त निरीक्षक की तैनाती गई थी। अतिरिक्त निरीक्षक की तैनाती के चलते अन्य परीक्षा भवन के अन्य कमरों में चल रही परीक्षा के दौरान निरीक्षक स्टाफ कम पड़ गया। जिसके चलते दूसरे कमरे में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को तैनात किया गया।

विज्ञापन

25 फरवरी को हुई थी जेई आईटी की परीक्षा

एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि उन्होंने वीरवार को जांच रिपोर्ट पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल ने कबूल किया गया उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मी को परीक्षा के दौरान निरीक्षक लगाया है। प्रिंसिपल ने इसके पीछे स्टाफ की कमी का तर्क दिया है। 

प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने जेई आईटी की भर्ती परीक्षा का संचालन 25 फरवरी को किया। बाल स्कूल हमीरपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया था। परीक्षा में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को निरीक्षक तैनात किया गया था।

परीक्षा देने बैठे अभ्यर्थियों ने चपरासी को पहचान लिया और बाद में इस मामले ने तूल पकड़ लिया। अभ्यर्थियों के साथ जानकारों ने सवाल उठाए थे कि एक जूनियर इंजीनियर आईटी की परीक्षा में चतुर्थ श्रेणी कर्मी को कैसे निरीक्षक तैनात कर दिया गया। अब एक माह के बाद इसकी जांच रिपोर्ट पूरी हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें