एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) ने मोर्चा खोल दिया है। इंटक के बैनर तले एचआरटीसी के कर्मचारी इकट्ठा हो गए। इन कर्मचारियों ने राज्य सरकार से अस्थायी भर्तियों के बजाय नियमित नियुक्तियों की मांग का मामला उठाया।
अस्थायी भर्तियों के बजाय नियमित नियुक्तियों की मांग की गई। ये मांग शिमला में एचआरटीसी कर्मचारी फेडरेशन ने इंटक के बैनर तले कांग्रेस कार्यालय शिमला में उठाई। फेडरेशन की इस बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को भी विशेष रूप से बुलाया गया।
इंटक के प्रदेश महामंत्री, इंटक के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और फेडरेशन के अध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा ने इस बैठक के बाद मंगलवार को राजीव भवन शिमला में हुई पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में नियमित कर्मचारियों के बजाय पीस मील कर्मियों की भर्ती की जा रही है। सरकार की नीतियों के खिलाफ ऐसे कर्मचारियों को चार हजार रुपये से लेकर छह हजार रुपये के बीच अस्थायी रूप से नियुक्त किया जा रहा है।
अनुबंध कर्मचारियों को भी सरकारी नीति के खिलाफ रखा जा रहा है। ये सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लिया जाएगा। एक तरफ तो सरकार बसें खरीदने की बातें कर रही है तो दूसरी ओर बहुत सी खरीदी हुई बसें भी कार्यशाला में खड़ी हैं। कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत ही कंडक्टरों की नियुक्तियां की जा रही हैं।
जैसे-जैसे युवा बेरोजगारों के ये कोर्स पूरे हो रहे हैं, वैसे-वैसे ही एचआरटीसी में कंडक्टरों की कमी पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि दो महीने की पेंशन को अभी तक भी नहीं दिया गया है। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं हरदयाल, जगदीश, देसराज, प्रेमसागर और अमीचंद सहित कई अन्य कर्मचारी नेता भी मौजूद हुए।