मंडी के प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी देव मित्र तिवारी का शुक्रवार रात निधन हो गया। उन्होंने अपने सुंदरनगर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह 94 साल के थे। तिवारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह खंड विकास अधिकारी के पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी देव मित्र तिवारी का शुक्रवार रात निधन हो गया। उन्होंने अपने सुंदरनगर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह 94 साल के थे। तिवारी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह खंड विकास अधिकारी के पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। वह फुटबाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे थे। उन्होंने 1956 में पाकिस्तान में भारतीय टीम की तरफ से मैच खेला था। इस मुकाबले में उन्होंने भारतीय टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया। मंडी फुटबाल टीम का स्तर ऊपर उठाने में उनका काफी योगदान रहा। पड्डल स्टेडियम में अखिल भारतीय ग्रीष्मकालीन फुटबाल प्रतियोगिता शुरू करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
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मंडी के राजा ललित सेन के साथ मिलकर उन्होंने हिमाचल फुटबाल टीम को राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता में संतोष ट्रॉफी के लिए मान्यता दिलवाने में सराहनीय भूमिका निभाई थी। आज राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम जाती है तो इसका श्रेय उन्हें भी जाता है। उन्होंने पंजाब टीम के लिए छह बार संतोष ट्रॉफी खेली है। स्वर्गीय देव मित्र तिवारी कैलाश मित्र तिवारी के बड़े भाई थे। कैलाश मित्र तिवारी भी फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं तथा फुटबाल संघ के महासचिव भी रह चुके हैं। स्पोर्ट्स पर्सन कल्याण संगठन ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। फुटबाल रेफरी संघ के प्रधान नरेंद्र सैणी ने उनके निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि खेल जगत ने एक खेल मित्र खो दिया है।