हिमाचल में रोप-वे के जरिये आने-जाने वाले लोगों का अब बीमा होगा। इसके लिए हिमाचल सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है। इसमें यह भी व्यवस्था कि है कि घरों की छतों और रोप-वे के केबिन बेस के बीच कम से कम 10 मीटर का अंतर रखना होगा।
हिमाचल सरकार ने अध्यादेश लाकर इस व्यवस्था को लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश रज्जू मार्ग संशोधन अधिनियम 1968 में संशोधन किया है। इस अध्यादेश को लाने के बाद अब इस अधिनियम में तीन तरह की व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं।
इसमें सरकार ने ये साफ कर दिया है कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता से बनाए जा रहे रोप-वे में सरकार किसी भी तरह के दावे के लिए जिम्मेवार नहीं होगी।
किसी भी तरह की दुर्घटना के लिए लोगों को बीमा छत्र प्रदान किया जाएगा। बीमा की दर और इससे संबंधित सारे प्रावधान विशेषज्ञ समिति के परामर्श पर तय किए जाएंगे। यही समिति तय करेगी कि प्रीमियम कैसे दिया जाना है और किस कंपनी से बीमा करवाया जाना है।
अध्यादेश में रज्जू मार्गों के किराये को भी नए सिरे से तय करने की व्यवस्था की गई है। सरकार जल्दी ही इसकी अधिकतम सीमा तय कर सकेगी।