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बिजली कनेक्शन गोलमाल में सरकार ने मांगी रिपोर्ट

Tue, 10 Nov 2015 11:05 AM IST
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
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हिमाचल के नाम पर पड़ोसी राज्य पंजाब में अवैध बिजली कनेक्शन देने के मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश सरकार के कान खड़े हो गए हैं। अमर उजाला में बिजली कनेक्शन के नाम पर बड़ा गड़बड़झाला उजागर होने के बाद आनन-फानन में प्रदेश सरकार ने विद्युत बोर्ड से मामले की पूरी रिपोर्ट मांग ली है।
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सरकार के उच्च अधिकारियों ने बिजली बोर्ड के अफसरों को लिखा है कि जो भी अधिकारी या लोग इस मामले में संलिप्त हैं, उनकी पूरी जानकारी जल्द दी जाए। हैरतअंगेज यह है कि सरकार को भी इतने बड़े गड़बड़झाले की कोई जानकारी नहीं थी। सरकार को मामले का पता अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद ही लगा।

ऊना थाने में विजिलेंस की ओर से एफआईआर दर्ज होने के बाद दर्जनों लोगों सहित ऊना जिले के चार रिटायर सहायक अभियंताओं, तीन रिटायर्ड कनिष्ठ अभियंताओं, एक वर्तमान सहायक अभियंता और दो कनिष्ठ अभियंताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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विजिलेंस जांच के मुताबिक बिजली पर सब्सिडी खाने के चक्कर में हिमाचल के विद्युत कनेक्शन पंजाब में लगाने का खेल ऊना जिले में ही नहीं बल्कि अन्य पड़ोसी राज्यों की सीमा के साथ लगते जिलों कांगड़ा, सोलन, सिरमौर में हो सकता है। करीब एक साल पहले ही विजिलेंस ने विद्युत बोर्ड को पत्र लिखकर अलर्ट किया था।

पत्र में विजिलेंस ने लिखा था कि गड़बड़झाले में फंसे लोगों और विद्युत बोर्ड के अफसरों पर बोर्ड या तो अपने स्तर पर कार्रवाई करे या विजिलेंस को कार्रवाई करने के लिए अधिकृत करे। लेकिन, विद्युत बोर्ड के अफसरों ने विजिलेंस के इस पत्र का आज तक जवाब ही नहीं दिया।

पंजाब के लोगों ने अफसरों के साथ मिलीभगत कर हिमाचल के नाम पर बिजली कनेक्शन लेकर अवैध रूप से पंजाब में इसलिए लगवाए, ताकि हिमाचल की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का फायदा उठाया जा सके। दरअसल, पंजाब के बिजली के रेट हिमाचल से दोगुने से भी ज्यादा हैं।

ऐसे में पंजाब में बिजली बिल हिमाचल से काफी ज्यादा आता है। पड़ोसी राज्य के जिन लोगों की जमीनें हिमाचल में थीं, उन्होंने सब्सिडी खाने के चक्कर में इस सारे अवैध बिजली खेल का षड्यंत्र रचा।

-हिमाचल सरकार ने विद्युत बोर्ड के उच्च अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट मांग ली है। रिपोर्ट में जो भी अफसर और कर्मचारी गलत पाया गया, उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- तरुण श्रीधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव

-जिसने भी गलत किया है उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस ने जांच के दौरान विद्युत बोर्ड के उच्च अधिकारियों को भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन उस पत्र का जवाब विजिलेंस को आज तक नहीं मिला।
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- अरविंद शारदा, डीआईजी, विजिलेंस
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