राजधानी में कितने रिहायशी भवनों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियां, इसकी तैयार होगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर निगम ने बैठाई जांच
रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश करेगा नगर निगम अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में बने हजारों रिहायशी भवनों की जांच के आदेश जारी हो गए हैं। शहर के कितने रिहायशी भवनों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, इसकी जांच के लिए नगर निगम ने टीमें वार्डाें में उतार दी हैं। इन्हें रिहायशी भवनों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
निगम की टीमें रविवार को भी वार्डाें में पहुंची और कई भवनों का रिकॉर्ड चेक किया। नगर निगम सुप्रीम कोर्ट से जारी हुए आदेशों के बाद शिमला शहर में रिहायशी भवनों की जांच करवा रहा है। रिहायशी भवनों में बिना अनुमति बढ़ते व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी शहरों से इसकी रिपोर्ट तलब की है। शिमला शहर में 32 हजार से ज्यादा भवन मालिक हैं जिनसे नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। इनमें 20 हजार से ज्यादा मकान-कमरे ऐसे हैं जिन्हें मालिकों ने रिहायशी दिखाया है। शहर में पहले भी रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने को लेकर नगर निगम को शिकायतें मिल चुकी हैं। ऐसे दर्जनों केस नगर निगम आयुक्त कोर्ट में विचाराधीन भी हैं। हालांकि कुल कितने भवन ऐसे हैं जिनमें बिना अनुमति दुकानें, ढाबे या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, इसका पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है। अब निगम की जांच में यह रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
इस्तेमाल बदलने के लिए जरूरी है अनुमति
नियमानुसार किसी भी रिहायशी भवन या इसके कमरे का व्यावसायिक इस्तेमाल करने के लिए नगर निगम से चेंज ऑफ लैंड यूज की अनुमति लेना अनिवार्य है। आवेदन करने पर निगम से यह अनुमति मिल जाती है। हालांकि, इससे लोगों को इन परिसरों का पहले से ज्यादा टैक्स और कूड़ा शुल्क भी देना पड़ता है। इससे बचने के लिए लोग यह अनुमति नहीं ले रहे। नगर निगम ने कुछ समय पहले भी न्यू शिमला क्षेत्र से रिहायशी भवनों की जांच शुरू की थी। हालांकि, बाद में अचानक इसे बंद कर दिया गया। अब फिर से निगम ने यह जांच बैठा दी है। इसमें वार्ड बार रिहायशी भवनों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। जांच के बाद एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाना है। चार अगस्त को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होनी है।
रिहायशी भवनों की हो रही जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत शहर में बने रिहायशी भवनों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। सचिन कंवल, आयुक्त नगर निगम शिमला