स्वास्थ्य महकमे ने संजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर हो रही अवैध वसूली के मामले में जांच बैठा दी है। जांच टीम ने मौके का मुआयना किया और यहां मौजूद कर्मचारियों के बयान लिए।
टीम मामले की रिपोर्ट वीरवार तक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंप देगी। ‘अमर उजाला’ ने संजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने जांच के आदेश दिए हैं।
अमर उजाला ने खुलासा किया था कि संजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बिक रहे हैं। अवैध फीस वसूली के लिए स्वास्थ्य महकमे ने नायाब तरीका निकाल रखा है।
स्वास्थ्य केन्द्र में इसके लिए बाकायदा एक बॉक्स रखा गया है। जैसे ही किसी व्यक्ति को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाता है, उसके बाद उस व्यक्ति को पैसे उस बॉक्स में डालने के लिए कहा जाता है।
ऑफिस से छुट्टी लेने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना है या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट। 15 मिनट में काम हो जाता है।
बस कुछ फीस और 100-50 रुपये डोनेशन बॉक्स में दान करने होते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. दिलीप कंवर ने कहा कि जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच टीम हर पहलू को खंगाल रही है। संभव है कि वीरवार तक इस मामले पर कोई रिपोर्ट आ जाए।