जाखू को जाने वाले मार्ग पर फिसलन के कारण लोगों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।फोटो
40 मरीज चोटिल, फिसलकर गिरने से हड्डी और मांसपेशियों को पहुंचा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बर्फबारी के बाद शिमला में बनी फिसलन भरी परिस्थितियों ने आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं। रविवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शाम 7 बजे तक कुल 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 40 मरीज सीधे तौर पर चोट से संबंधित थे, जो बर्फीली सड़कों और रास्तों पर फिसलकर गिरने के कारण घायल हुए।
अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि अधिकतर लोग रोजमर्रा के काम से घर से निकलते समय हादसे का शिकार हुए। कई मरीजों ने बताया कि पैदल चलते हुए अचानक पैर फिसल गया और वे सड़क या फुटपाथ पर गिर पड़े। कुछ लोग सीढ़ियों पर चढ़ते या उतरते समय संतुलन खो बैठे, जबकि ढलानदार सड़कों पर फिसलन सबसे बड़ा कारण बनी। डॉक्टरों के अनुसार चोटिल 40 मरीजों में हाथ-पैर की हड्डी टूटने, टखना मुड़ने, घुटनों में चोट और मांसपेशियों में खिंचाव के मामले सामने आए। इनमें बड़ी संख्या पर्यटकों की रही, जो बर्फबारी के बाद शहर में घूमने निकले थे। मालरोड, रिज और आसपास के क्षेत्रों में फोटो खींचते या भीड़ में चलते समय कई पर्यटक फिसल गए। समरहिल, खलीनी, संजौली, लक्कड़ बाजार, टूटू सहित विभिन्न इलाकों से घायल मरीज आईजीएमसी पहुंचे। आपातकालीन विभाग में दिनभर मरीजों की आवाजाही बनी रही। कुछ गंभीर मामलों में मरीजों को भर्ती किया गया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बर्फीले हालात में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और निकलते समय सावधानी बरतें। पर्यटकों को भी फिसलन वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई क्षेत्रों में अभी भी बर्फ जमी हुई है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।