प्रदेश के अशिक्षित हिमाचली भी औद्योगिक स्किल डेवलपमेंट भत्ता लेने के हकदार बन गए हैं। लेकिन, ऐसी श्रेणी के लाभार्थी को अधिकृत अधिकारी की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र को संबंधित विभाग के पास प्रस्तुत करना होगा। वहीं, शिक्षा प्राप्त लाभार्थी के लिए शिक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। लाभार्थी का नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज होना जरूरी किया गया है। इसके लिए निर्धारित फार्म भरना होगा।
भत्ता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा होगी। लाभार्थी के देहांत के बाद भत्ता राशि बंद कर दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने यह प्रावधान प्रदेश औद्योगिक कौशल विकास भत्ता योजना - 2018 में किए हैं, जिसे शनिवार को अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रम एवं रोजगार निशा सिंह ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की, जिसे राज्य सरकार ने शनिवार को अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।