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Khushwant Singh Litfest: इंद्राणी मुखर्जी बोलीं- जेल से बाहर निकलने पर बच्चों ने मुझे नहीं किया स्वीकार

Fri, 13 Oct 2023 09:39 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी सोलन

सार

इंद्राणी ने अपनी किताब ‘अनब्रोकन : द अनटोल्ड स्टोरी’ पर खुलकर बात की। मौका था कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के पहले दिन का।
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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में इंद्राणी मुखर्जी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शीना बोरा मर्डर केस में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि जब मैं जेल से वापस आई तो मेरे बच्चों ने मुझे स्वीकार नहीं किया, यही मेरे लिए सबसे दुखद पल था। मैं कई दिन तक मानसिक दबाव में रही। इंद्राणी के तीन बच्चे हैं, जिसमें एक की हत्या हो गई है। पत्रकार एवं स्तंभकार बच्ची करकरिया ने उनसे उनकी किताब पर खुलकर संवाद किया। इंद्राणी ने अपनी किताब ‘अनब्रोकन : द अनटोल्ड स्टोरी’ पर खुलकर बात की। मौका था कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के पहले दिन का।

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उन्होंने कहा कि जब वह जेल गईं तो मीडिया ने केवल एक ही व्यक्ति को टारगेट करना शुरू कर दिया था। इंद्राणी ने कहा कि जैसे ही मैं जेल गई तो मेरे पति पीटर मुखर्जी मीडिया में कई दिनों तक इंटरव्यू देते रहे। वहीं उसने मुझसे दूरी बनानी शुरू कर दी। मुझे यह तक पता चला कि उसने किसी और के खाते में करोड़ों रुपये डाले। मेरी माता जी का हार्ट अटैक से निधन हो गया, पिता जी कोमा में चले गए। इससे मैं पूरी तरह से टूट गई।

वहीं जेल में कुछ दिन मैं परेशान हुई, बाद में सोचा कि यह मेरी लड़ाई है और मुझे खुद लड़नी है। जेल में भी शुरू के कई माह बेहद परेशानी वाले रहे। बाद में किताब लिखने के बारे में सोचा और छह साल जेल में अपनी किताब लिखी। उन्होंने कहा कि इस किताब में 1,26,522 शब्द लिखे हैं, जिसमें उन्होंने अपने जीवन की निजी बातें साझा की हैं। इंद्राणी मुखर्जी ने सत्र के अंत में श्रोताओं से कहा कि वह जल्द अपनी दूसरी किताब बाजार में उतारेंगी। कहा कि अब मैं खुली जिंदगी जी रही हूं और किसी के दबाव में नहीं हूं।
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15 साल की उम्र में हुआ पहला बच्चा

इंद्राणी ने कहा कि जब मेरे पहला बच्चा हुआ तो मैं 15 साल की थी। उस समय मैं बच्चे संभालने के लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में जब बच्चे हो गए तो मुझे पता नहीं था कि क्या करना है। शीना के साथ हुए दुष्कर्म का जब मुझे पता चला तो मैं हैरान रह गई। उस समय शीना 15 साल की थी और मै 31 साल की।

 

मेरी बेटी मुझमे जिंदा है

इस दौरान बच्ची करकरिया ने उनसे पूछा कि आपने अपनी किताब में लिखा है कि उनकी बेटी जिंदा है, यह आप कैसे कह सकती हैं। इस पर इंद्राणी ने कहा कि वह मुझमे जिंदा है। इसलिए मैं सभी से कहती हूं कि वह मरी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और डीएनए की रिपोर्ट में भी खुलकर कुछ सामने नहीं आया था। ऐसे में उन्होंने यह बातें उठाई थीं।

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