दलाईलामा पूरे विश्व में शांति और अहिंसा की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके दलाईलामा पर आधारहीन और दुर्भावना से प्रेरित आरोप लगाए गए हैं। उन पर इस तरह के आरोप लगाना निराशाजनक है।
लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा की छवि को खराब करने के लिए छेड़े गए अभियान की आलोचना की है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि दलाईलामा पूरे विश्व में शांति और अहिंसा की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बावजूद इसके दलाईलामा पर आधारहीन और दुर्भावना से प्रेरित आरोप लगाए गए हैं। उन पर इस तरह के आरोप लगाना निराशाजनक है। हमें यह याद रखना चाहिए कि बौद्ध धर्म की शिक्षाएं शांति और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित हैं। उनके खिलाफ इस तरह के आरोपों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। संसार को और अधिक करुणामय और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हमें आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
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नामग्याल ने कहा कि शांति, करुणा और बेहतर आपसी समझ को विकसित करने के लिए मैं तिब्बत के 14वें आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा के प्रति विशेष आदर और कृतज्ञता प्रकट करता हूं। नालंदा परंपरा और तिब्बत की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए उनके उपदेश और अन्य प्रयास न केवल लद्दाख, बल्कि समूचे विश्व के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में उभर रहे संघर्ष और विभाजक रेखाएं समूची मानवता के कष्ट को बढ़ा रही हैं।
ऐसे समय में दलाईलामा का करुणा, प्रेम और सहानुभूति का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। दलाईलामा आशा के एक ज्योतिपुंज की तरह सेवा कर रहे हैं। वह करुणा, एकता और प्रज्ञता के राशि पर बढ़ने के लिए हम सबका मार्गदर्शन कर रहे हैं। दलाईलामा के उपदेश हमें साझा मानवीय मूल्यों और आपसी जुड़ाव की पहचान करवाते हुए शांत और समरसतापूर्ण विश्व के निर्माण के लिए लगातार कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। विश्व शांति के नेता के रूप में दलाईलामा ने शांति और न्याय की स्थापना के लिए जबरदस्त प्रतिबद्धता दिखाई है।