इसे हिमाचली रंग देने का प्रयास किया गया है। भवनों के निर्माण में हिमाचल की काष्ठकुणी शैली का रूप दिया जाएगा। आईआईएम के भवन ब्रिटिशकाल में बनने वाले बंगलों की तर्ज पर डिजाइन किए गए हैं। आईआईएम के सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में हॉस्टल, स्टूडेंट एक्टिविटि कैंपस, फैकल्टी एंड स्टाफ रेजिडेंस, कम्यूनिटी सेंटर, अकादमिक ब्लॉक, कंप्यूटर सेंटर, लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेंस सेंटर, एडमिनिस्ट्रेटिव कांप्लेक्स और मेडिकल यूनिट बनेगी। वर्ष 2015 से यह पांवटा साहिब में एक किराये के भवन में चल रहा है। वर्तमान में यहां करीब 340 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
टूरिज्म में पीएचडी देने वाला देश का पहला संस्थान
आईआईएम टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी में पीएचडी देने वाला देश का पहला संस्थान है। देश के अन्य राज्यों में बनने आईआईएम में भी इस विषय में पीएचडी का प्रावधान नहीं है। परिसर का निर्माण सीपीडब्ल्यूडी को दिया गया है। इसके टेंडर हो गए हैं।
नाहन विस बनेगा शिक्षा का हब : बिंदल
नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल चार अगस्त को इसका ऑनलाइन शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद रहेंगे। नाहन विधानसभा में यह संस्थान बनने से सिरमौर को नई पहचान मिलेगी। संस्थान बनने के बाद नाहन शिक्षा का हब बनेगा।