खराब मौसम को देखकर एचपीसीए ने तीन पहले ही तिरपाल के माध्यम से पूरे मैदान को कवर कर दिया था। इससे तिरपालों पर खड़े पानी को सुपर सोपरों के माध्यम से सुखाने में ग्राउंड स्टाफ को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
धर्मशाला में भारत-श्रीलंका टी-20 मैच के दौरान जहां इंद्रुनाग देवता के प्रति श्रद्धा का फल देखने को मिला है। वहीं मैच करवाने में एचपीसीए और पिच क्यूरेटर की समझदारी भी कारगर सिद्ध हुई। खराब मौसम को देखकर एचपीसीए ने तीन पहले ही तिरपाल के माध्यम से पूरे मैदान को कवर कर दिया था। इससे तिरपालों पर खड़े पानी को सुपर सोपरों के माध्यम से सुखाने में ग्राउंड स्टाफ को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
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पिच क्यूरेटर की यह तकरीब काफी काम कर गई। 22 से 26 फरवरी तक मौसम विभाग के लगातार बारिश के दर्शाए जा रहे अनुमान को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने एचपीसीए मैदान को सूखा रखने के लिए रणनीति बनाई। इस दौरान छह नए तिरपाल और तीन नए सुपर सोपरों की मांग एचपीसीए प्रबंधन से की, ताकि बारिश होने के बाद मौसम साफ होने के बाद मैच को करवाया जा सके। 26 फरवरी को मौसम साफ होते ही सुपर सोपरों से मैदान को सुखाया गया।
बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए मैदान को गीला होने से बचाने के लिए रणनीति पहले ही बना ली थी। मैदान को तीन दिन पहले ही तिरपालों से कवर कर दिया था। मैच की सफलता का श्रेय देवता इंद्रुनाग के साथ ग्राउंड स्टाफ को भी जाता है। - सुनील चौहान, चीफ पिच क्यूरेटर, एचपीसीए।