बता दें कि कांग्रेस के विधायक संजय अवस्थी और भुवनेश्वर गौड़ ने विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश और हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष पर राज्यसभा चुनाव में गैरकानूनी तरीके से बड़े स्तर पर पैसों के लेनदेन और सरकार को गिराने के लिए सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचने के कई आरोप लगाए हैं। इन दोनों पर 10 मार्च को शिमला के बालूगंज थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 171ए, 171सी, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए धन के लेन-देन, हेलिकाप्टर, सुरक्षा बलों के दुरुपयोग के आरोप भी शामिल हैं। फिलहाल, शिमला पुलिस अधीक्षक की निगरानी में तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है। एएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि आशीष शर्मा पूछताछ के लिए पहुंचे थे। दो और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने एक अप्रैल तक बढ़ाई है जमानत
बालूगंज थाना में मामला दर्ज होने के बाद 12 मार्च को प्रदेश उच्च न्यायालय ने आरोपियों को सशर्त जमानत दी थी। इन्हें बालूगंज थाने में उपस्थित होना था। बावजूद 15 मार्च तक दोनों आरोपी पेश नहीं हुए थे। हालांकि दोनों की पैरवी करने उनके वकील पहुंचे थे। अगले दिन आरोपियों के वकील ने अदालत में चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और आशीष शर्मा की तबीयत ठीक नहीं होने का हवाला देकर एक सप्ताह का समय मांगा था है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों की अंतरिम जमानत एक अप्रैल तक बढ़ाई है। साथ ही आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करने के निर्देश दिए थे।