वैसे भी चौका ही होना था। बाल बाउंड्री को छूने वाली थी, इसलिए मैंने उठा ली। क्षेत्ररक्षक तो दूर था। यह कहना है बाल ब्वायज सूर्या का। सूर्या ने बाउंड्री पर बाल पहुंचने से पहले ही उठा ली थी। सूर्या धर्मशाला के सकोह के रहने वाले हैं।
सूर्या एचपीसीए की क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं और शुक्रवार को आयोजित भारत-वेस्टइंडीज मैच में बाल ब्यायज बने थे। एक क्विज प्रतियोगिता के जरिए उनका चयन बॉल ब्वायज के रूप में हुआ था।
भारत बल्लेबाजी कर रहा था। रैना के शाट मारा और गेंद बाउंड्री की तरफ जा रही थी। वेस्टइंडीज के फिल्डर आंद्रे रस्सेल ने पैर से गेंद को रोकने का प्रयास किया। वह आगे निकल गए और बाल फिर बाउंड्री की तरफ जाने लगी। सूर्या ने बाल को बाउंड्री से पहले ही उठा लिया।
वेस्टइंडीज की पूरी टीम ने विरोध किया। कप्तान डेरेन ब्रावो ने शिकायत अंपायरों ने की। काफी विवाद और चर्चा के बाद अंपायरों ने टीम इंडिया को चौका नहीं दिया। केवल वही दो रन दिए गए, जो दौड़कर लिए गए थे।
अमर उजाला ने बाद में सूर्या से बात की। वह वेस्टइंडीज टीम के विरोध के बाद काफी डर गए थे। सहमे हुए सूर्या बोले, वैसे भी तो चौका होना था। कहा कि कब बॉल उठानी है, कब नहीं? इस बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया था।