हिमाचल के सोलन जिले के परवाणू में रेलवे और खाद्य आपूर्ति मंत्रालय को बड़े पैमाने पर तिरपाल सप्लाई करने वाले उद्योग में बुधवार को आयकर का छापा पड़ने से हड़कंप मच गया।
परवाणू में 80 के दशक में स्थापित शिवाथीन कंपनी में सुबह करीब 11 बजे पंजाब नंबर की तीन गाड़ियां मुख्य गेट से अंदर दाखिल हुईं। इसके बाद गेट पर बाहर से ताला लगा दिया और तमाम फोन बंद करवा दिए गए। देर रात तक टीम भीतर रिकॉर्ड खंगालती रही।
इस दौरान कर्मचारियों को बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई। परवाणू में यह कंपनी तिरपाल बनाने का काम करती है और मुख्य तौर पर रेलवे व खाद्य आपूर्ति मंत्रालय को बड़े पैमाने पर अनाज ढकने के लिए तिरपाल की सप्लाई करती है।
उद्योग की ज्यादा कमाई केंद्रीय मंत्रालय को होने वाली सप्लाई से ही है। परवाणू के सेक्टर तीन में स्थापित शिवाथीन कंपनी एक अन्य शिवालिक कंपनी के साथ चलती है। दोनों कंपनियां एक ही मालिक की हैं।
लेकिन इनमें से शिवाथीन में तिरपाल व वाहनों तथा सड़क किनारे लगने वाला रात को चमकने वाला (नाइट ग्लो) पेंट बनाया जाता है। आयकर विभाग की दबिश शिवाथीन कंपनी में हुई है।
आयकर विभाग की इस कार्रवाई से शहर के अन्य उद्योगों में भी खलबली मच गई है। आयकर विभाग की दबिश के दौरान करीब आठ घंटे से सभी कर्मचारी भी उद्योग के अंदर ही रहे।