नेशनल हाईवे प्राधिकरण थाच नाले में भूस्खलन वाले संभावित स्थल पर बिना ब्लास्ट किए खतरनाक चट्टानों को गिराएगा। लगातार पानी न रिसे, इसके लिए प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम भी बनाएगा। जिला प्रशासन ने नेशनल हाईवे प्राधिकरण को भू वैज्ञानिकों की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद तुरंत इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निगुलसरी के पास पहाड़ टूटने से 28 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई है। इसके लिए मानवीय कारण जिम्मेदार नहीं हैं। यह खुलासा घटनास्थल का सर्वे कर लौटे भू वैज्ञानिकों की रिपोर्ट से हुआ है।
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निगुलसरी थाच नाले में अब किसी भी तरह की कोई ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। नेशनल हाईवे प्राधिकरण थाच नाले में भूस्खलन वाले संभावित स्थल पर बिना ब्लास्ट किए खतरनाक चट्टानों को गिराएगा। लगातार पानी न रिसे, इसके लिए प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम भी बनाएगा। जिला प्रशासन ने नेशनल हाईवे प्राधिकरण को भू वैज्ञानिकों की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद तुरंत इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
कार्यवाहक उपायुक्त किन्नौर एवं एडीएम पूह अश्वनी कुमार ने बताया कि भू वैज्ञानिकों की सर्वे रिपोर्ट में पाया गया है कि यह घटना कोई मैन मेड नहीं है। यह एक प्राकृतिक त्रासदी थी। सर्वे में पाया गया है कि पहाड़ियां अति संवेदनशील हैं। इसके लिए कमजोर चट्टानों को बिना विस्फोट किए ही गिराना होगा। पहाड़ी के भीतर पानी न रिसे, इसके लिए जल्द कोई स्थायी बंदोबस्त करना होगा। नेशनल हाईवे प्राधिकरण के एक्सईएन रामपुर और किन्नौर केएल सुमन ने कहा कि नेशनल हाईवे प्राधिकरण निगुलसरी में संभावित क्षेत्रों में पहाड़ी पर प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। इसके लिए मजदूर तैनात कर दिए हैं। पहाड़ी पर कमजोर चट्टानों को गिराने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।