केंद्रीय टीम ने लोगों से लिया नुकसान का फीडबैक
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केंद्रीय टीम ने 9 और 10 जुलाई को ब्यास व पार्वती नदी में बाढ़ से हुए नुकसान का गुरुवार को जायजा लिया। पहले दिन टीम ने भुंतर, भूतनाथ पुल, बाशिंग, पतलीकूहल, सेउबाग पुल, मणिकर्ण, डोहलूनाला, जगतसुख, हाथीथान, मनाली और कसोल का दौरा किया। टीम ने क्षतिग्रस्त मकानों-दुकानों का निरीक्षण करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर आपदा के बारे में जानकारी लेकर नुकसान का फीडबैक लिया। सड़क, पुल, पेयजल और विद्युत समेत अन्य परियोजनाओं को पहुंचे नुकसान का भी आकलन किया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वित्तीय सलाहकार रविनेश कुमार के नेतृत्व वाली इस टीम में केंद्रीय जल आयोग के निदेशक पीयूष रंजन, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निदेशक आरके मीणा और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उप निदेशक महेश कुमार शामिल रहे। विशेष सचिव एवं निदेशक राजस्व तथा आपदा प्रबंधन डीसी राणा और उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग समेत जिले के अन्य आला अधिकारी भी उपस्थित रहे। रविनेश कुमार ने बताया कि इस टीम को चार-चार सदस्यों के साथ दो भागों में बांटा है। ए
क टीम मंडी, कुल्लू के दौरे पर है जबकि दूसरी सोलन, शिमला और किन्नौर जिलों का दौरा कर नुकसान का जायजा ले रही है। उनकी टीम हिमाचल में क्षति का जायजा लेने के बाद केंद्र सरकार को यहां की वस्तुस्थिति से अवगत कराएगी, जिसके बाद सरकार मुआवजे पर फैसला लेगी। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने सुबह के समय हुई बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त ने बताया कि सभी विभागों को मिलाकर जिले में अभी तक 728 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें एनएचएआई और निजी संपत्ति के नुकसान को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा शाम को टीम ने शिमला जिले के रोहड़ू व जुब्बल-कोटखाई व ठियोग में भी नुकसान का आकलन किया।