राज्य सहकारी बैंक ने शिक्षा योजना में ऋण सीमा को बीस लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। अब देश के संस्थानों से डिग्री-डिप्लोमा करने पर 30 लाख और विदेश में पढ़ने पर 40 लाख रुपये तक ऋण मिलेगा। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना को बैंक से संचालित करने का भी निदेशक मंडल ने फैसला लिया है। इस योजना में 60 लाख तक ऋण मिलेगा। 25 से 35 प्रतिशत तक निवेश उपदान की सुविधा भी मिलेगी।
सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम की अध्यक्षता में मुख्य कार्यालय शिमला में हुई निदेशक मंडल की बैठक में शिक्षा ऋण योजना में संशोधन करते हुए ऋण सीमा में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। अब इस योजना के तहत शिक्षारत युवाओं को देश में स्थापित मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से डिप्लोमा/डिग्री के लिए अधिकतम 30 लाख तक का ऋण मिलेगा। पहले इस योजना में 10 लाख का ऋण दिया जाता था।
उधर, विदेशी शिक्षण संस्थानों से डिप्लोमा/डिग्री के लिए अधिकतम 40 लाख तक की ऋण सुविधा प्रदान करने को भी मंजूरी दी गई। पहले यह राशि 20 लाख रुपये थी। बैठक की जानकारी देते हुए बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने कहा कि बैंक का हमेशा प्रयास रहा है कि बैंक अपने ग्राहकों को नई-नई ऋण योजनाओं के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऋण सुविधा प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही राजीव गांधी स्वरोजगार योजना को बैंक की ओर से संचालित करने के बारे में भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के माध्यम से बैंक एक करोड़ रुपये तक की ऋण योजनाओं के लिए नाबार्ड की ओर से तय सीमा शर्तों के मुताबिक अधिकतम 60 लाख तक की ऋण सुविधा प्रदान करेगा।
इस ऋण योजना में संभावित ऋण-धारकों को 25 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक की निवेश उपदान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। साथ ही कुछ ऋण घटकों में ब्याज अनुदान भी उपलब्ध होगा। इस ऋण योजना के तहत प्रार्थी को ई-वाहन/ई-ट्र्क, ई-बस, ई-टैंपो ट्रैवलर के लिए 50 प्रतिशत निवेश उपदान के साथ दंत चिकित्सा सुविधा और मत्स्य कारोबार इत्यादि स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा दी जाएगी।
साथ ही 5 प्रतिशत की दर से शुरुआती तीन साल तक ब्याज उपदान की सुविधा भी होगी, लेकिन यह सुविधा ई-वाहन ऋणों पर उपलब्ध नहीं होगी। बैठक में बैंक व्यवसाय व नीति निर्धारण से जुडे़ विभिन्न मामले निदेशक मंडल के समक्ष चर्चा व स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किए गए।
बैठक में निदेशक मंडल के सदस्यों में पीतांबर नेगी, राम सिंह चंब्याल, केशव नायक, भारत भूषण मोहिल, प्रियव्रत शर्मा, पवन चौहान, डॉ. जगदीश चंद्र शर्मा, सुनील शर्मा, हरिकृष्ण हिमराल, लाल सिंह कौशल, ललित ठाकुर, विक्रम नेगी, संजय चौहान, विजय ठाकुर, एलआर वर्मा, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी डॉ. अजय सूद और बैंक के प्रबंध निदेशक श्रवण मान्टा उपस्थित रहे।