अब बीते दिन इसे लागू करने पर निर्णय हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले वर्ष भारत से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी थी।
इस पर तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला लिया था कि इसके जवाब में भारत अमेरिका से आयात की जाने वाली 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा देगा। इन 29 वस्तुओं में अमेरिकी सेब भी शामिल है।
अमेरिका से आने वाले सेब पर वर्तमान में 50 प्रतिशत आयात शुल्क है। इसे 25 फीसदी और बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का निर्णय हुआ है। इस बारे में विश्व व्यापार संगठन को सूचित किया जा चुका है। अमेरिका भारत की मंडियों में सेब आयात करने वाला सबसे बड़ा देश है। चीन से सेब आयात पर पहले ही बंदिश लग चुकी है।
हिमाचल लंबे समय से सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने अथवा इसे विशेष श्रेणी उत्पाद घोषित करने की मांग उठाता आया है। दरअसल हिमाचल अमेरिका जैसी गुणवत्ता वाला सेब पैदा नहीं कर पा रहा है।
पहले भी पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल आकर बागवानों को विदेशी सेब के आयात पर अंकुश लगाने के संकेत दे चुके थे। यह भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ा चुनावी मुद्दा भी रहा है।
एक लाख से ज्यादा बागवान जुडे़ हैं 4000 करोड़ के कारोबार से
हिमाचल में सेब के करीब 4000 करोड़ रुपये के कारोबार से एक लाख से ज्यादा किसान-बागवान परिवार जुडे़ हैं। अप्रत्यक्ष रूप से भी सेब कारोबार से लाखों परिवार जुडे़ हुए हैं। यहां हर साल सेब के दो से चार करोड़ कार्टन (पेटियों) की पैदावार होती है।
अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने के मोदी सरकार के इस निर्णय का हिमाचल को बड़ा लाभ होगा। सेब बागवानों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है।
- महेंद्र सिंह ठाकुर, बागवानी मंत्री