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Una News: ऊना में अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़, 33 लोग छुड़ाए, दो आरोपी गिफ्तार

Mon, 16 Oct 2023 06:46 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना

सार

पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र में उपचाराधीन करीब 33 लोगों को छुड़ाया है। इसमें 31 लोग पंजाब के, जबकि दो चंबा और सोलन के रहने वाले हैं। इनमें 29 की उम्र 22 और 35 साल के बीच में है।
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पुलिस एफआईआर(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली क्षेत्र के अपर बढेड़ा गांव में अवैध रूप से चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र में उपचाराधीन करीब 33 लोगों को छुड़ाया है। इसमें 31 लोग पंजाब के, जबकि दो चंबा और सोलन के रहने वाले हैं। इनमें 29 की उम्र 22 और 35 साल के बीच में है। केंद्र में भर्ती लोगों के उपचार के लिए कोई चिकित्सक और विशेषज्ञ मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस को केंद्र की देखरेख करने वाले केवल दो लोग और एक खाना बनाने का काम करने वाली महिला मिली है। मामले में पुलिस ने छह लोगों बलराम निवासी बारापुर, तहसील गढ़शंकर, बलजीत निवासी चब्बेवाल, सौरभ निवासी गांव बस्सी, अमरीक सिंह निवासी गांव मेहना, हरप्रीत सिंह निवासी गांव जिला होशियारपुर (पंजाब) और ऊना की रक्कड़ कालोनी निवासी राहुल के खिलाफ केस दर्ज किया है। दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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जानकारी के अनुसार हरोली पुलिस को रविवार शाम गुप्त सूचना मिली कि अपर बढेड़ा गांव में स्थित एक मकान में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। सूचना मिलने पर एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, डीएसपी हरोली मोहन रावत, बीएमओ हरोली संजय मनकोटिया भी देर शाम मौके पर पहुंचे। पुलिस की टीम ने मकान में छापेमारी की। इस दौरान ग्राउंड फ्लोर पर 33 युवक उपचाराधीन पाए गए। केंद्र की देखरेख करने वाले बलराम और बलजीत पुलिस को केंद्र संचालन से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। उन्होंने पुलिस को बताया कि केंद्र का संचालन करीब छह महीने से हो रहा है और वह दोनों देखरेख करते हैं। वहीं, मौके पर एक महिला भी मिली, जो खाना बनाती थी। इसके अलावा केंद्र से जुड़े चार अन्य आरोपी मौके पर नहीं मिले।

इलाज के बदले लिए जाते थे 20,000 रुपये
केंद्र में भर्ती अजय कुमार ने बताया कि केंद्र संचालकों ने इलाज के बदले उनके परिवार से 20,000 की राशि ली है। संचालकों ने उन्हें अपना केंद्र पंजीकृत होने का दावा कर ठगा है। उन्हें केंद्र के एक बड़े हाल में रखा जाता और बाहर से ताला लगा दिया जाता। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के अलावा अन्य व्यवस्थाएं और जरूर स्टाफ भी केंद्र में नहीं है। पुलिस ने जांच-पड़ताल में पाया कि सभी लोगों से इसी तरह झूठ बोलकर पैसे ऐंठे और 33 लोगों को को बीते कुछ माह से कमरे में बंद रखा गया।
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इसी केंद्र में बीते वर्ष हुई थी युवक की मौत
इसी केंद्र में बीते वर्ष गोंदपुर बनेहड़ा निवासी एक युवक की मौत हो गई थी। परिजनों ने पीट-पीटकर युवक को मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के बाद केंद्र को सील कर दिया गया था। इस बीच बीते दिनों अचानक बिना पुलिस और प्रशासन को सूचित किए दोबारा केंद्र खोला गया और वहां 33 लोगों का इलाज शुरू कर दिया। जिस मकान में केंद्र संचालित हो रहा है, उसके मालिक शहर के साथ लगते रक्कड़ कालोनी में रहते हैं।

डीएसपी हरोली मोहन रावत ने बताया कि मामले की जांच जारी है। दो आरोपियों का काबू किया है। जल्द चार अन्य को काबू कर उनसे पूछताछ की जाएगी। सभी में मुख्य आरोपी कौन है, इसकी पड़ताल भी की जा रही है। केंद्र में मिले उपचाराधीन लोगों को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।

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