आईआईटी मंडी का 11वां दीक्षांत समारोह
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी में कड़ी मेहनत के बाद सोमवार को 565 इंजीनियर तैयार हो गए। सभी मेहनत की डिग्रियां पाकर भाव-विभोर हो गए। डिग्री हाथों में देखकर उनके चेहरे खिल उठे। आईआईटी मंडी में 11वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ इसमें 60 पीएचडी सहित कुल 565 प्रशिक्षुओं को डिग्री दी गई। इनमें 426 पुरुष और 139 महिला प्रशिक्षु शामिल रहे। देश के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती समारोह में मुख्यातिथि रहे। उन्होंने सभी को शुभकामनाओं के साथ सम्मानित किया। विशेष अतिथियों भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला अहमदाबाद के प्रोफेसर आरपी सिंह, डॉ. बलविंदर सिंह वरिष्ठ निदेशक सैमसंग आरएंडडी इंस्टीट्यूट इंडिया बंगलूरू, आनंद वोरा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इंजीनियरिंग पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पुणे और प्रोफेसर अनिर्बान बंद्योपाध्याय प्रधान अनुसंधान वैज्ञानिक नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैटेरियल्स साइंस (एनआईएमएस त्सुकुबा जापान ने सम्मानित करने के साथ अपने अनुभव साझा किए।
आईआईटी मंडी के बीओजी के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। पीएचडी की 60, एमटेक की 112, एमएससी 124 और बीटेक की 244 डिग्रियां प्रदान की गईं। बीटेक में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में 89, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में 50, बायो इंजीनियरिंग में 11, इंजीनियरिंग भौतिकी में 17, डाटा साइंस में 34, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में 23, सिविल इंजीनियरिंग में बीस डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके अलावा एमएससी में व्यावहारिक गणित में 44, रसायन विज्ञान में 45 और भौतिक विज्ञान में 35 डिग्रियां दी गईं। एमटेक में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में 17, रचनात्मक इंजीनियरिंग में 10, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्राइव में 8, ऊर्जा इंजीनियरिंग में 14, कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग में 11, संचार और सिग्नल प्रोसेसिंग में 18, द्रव और थर्मल इंजीनियरिंग में तीन, जैव प्रौद्योगिकी में 17, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में 14 डिगियां दी गईं। एमएस शोध में 10 और एमए में 15 डिग्रियों प्रदान की गईं।