कोहरे की परत से अब फसलें तबाह नहीं होगी। उल्टे कोहरे को पानी में बदलकर खेतों को सींचा जा सकेगा। यही नहीं पीने के लिए भी इस पानी का प्रयोग किया जा सकेगा। आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों ने ड्रैगंस लिली हेड नामक सजावटी पौधे (ग्लैडियस डलेंजी) की पत्तियों की सतह की संरचना पर आधारित वाटर हार्वेस्टिंग सरफेस तैयार किया है।
हालांकि, इस पौधे में कोहरे को पानी में बदलने के प्राकृतिक गुण हैं। लेकिन बिना पैटर्न वाले कंट्रोल सैंपल की तुलना में आईआईटी की ओर से तैयार पैटर्न युक्त सैंपल पर कोहरे से पानी हासिल की क्षमता 230 प्रतिशत बढ़ गई है। इस शोध का परिणाम फ्लोरा, एसीएस सस्टेनेबल केमिस्ट्री और इंजीनियरिंग एंड बायोमीट्रिक्स जर्नल में हाल ही में प्रकाशित हुआ है।