निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस, नर्सरी-केजी के कल्चर और सरकारी स्कूलों में नौनिहालों की शिक्षा की नींव मजबूत करने के मकसद से प्री प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत हुई है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए जेबीटी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया है।
इसमें बच्चों को खेल-खेल में और विभिन्न एक्टिविटी से हिंदी, अंग्रेजी वर्ण माला, पशु-पक्षियों, फल-सब्जियों, अस्पताल, स्कूल और रंगों की पहचान कराई जाएगी। मंडी जिला में 459 सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू हो रही हैं।
बगस्याड़ में दस बच्चों ने प्री प्राइमरी में दाखिला लिया है। इससे पहले एसएमसी अपने स्तर पर ही कुछ स्कूलों में नर्सरी-केजी की कक्षाएं चला रही है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज भी मौजूद रहे।