कोविड-19 का खतरा कम करने को आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों ने महज 1400 रुपये से पैर चलित हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर और 35 हजार से यूवी-सी डिसइन्फेक्शन बॉक्स तैयार किए हैं। अल्ट्रावायलेट-सी (यूवी-सी) प्रकाश आधारित पोर्टेबल डिसइन्फेक्शन बॉक्स वॉलेट (पर्स), चाबी, चश्मे, बैग, कुरियर के पैकेज और पार्सल आदि मेटल, प्लास्टिक और कार्डबोर्ड की चीजों को असंक्रमित कर कोविड-19 फैलने का खतरा कम करेंगे। यह वायरस ऐसी चीजों की सतहों पर 3 दिन तक रह सकता है।
इसे विकसित करने वाले स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डॉ. हिमांशु पाठक, डॉ. सनी जफर, डॉ. हितेश श्रीमाली, डॉ. प्रोसेनजीत मोंडल, डॉ. अमित प्रसाद ने बताया कि यह उपकरण हर प्रकार के मेटल, प्लास्टिक और कार्डबोर्ड प्रोडक्ट को यूवी-सी प्रकाश से एक मिनट में बैक्टीरिया और सार्स-कोविड-2 वायरस संक्रमण मुक्त कर सकता है। यह 99 प्रतिशत तक संक्रमण समाप्त कर सकता है। आईआईटी मंडी के टेक्निकल असिस्टेंट (सिविल) नविश शर्मा ने तिलक राज और हंसराज के साथ मिलकर 1400 रुपये का पैर चलित हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर विकसित किया है।
इसमें सैनिटाइजर की बोतल की सतह जो संक्रमित हो सकती है, उसे हाथ नहीं लगाना होगा। इस डिस्पेंसर में स्प्रिंग से रीइंफोर्स किया फुट पैडल लगाकर एक पाइप युक्त होल्डर से जोड़ा गया है। होल्डर में सैनिटाइजर की बोतल रखी होगी। फुट पैडल दबाने पर सैनिटाइजर होल्डर ऊपर आएगा और एक ग्लास कैप बोतल के हेड को दबाएगा। इस इनोवेशन की लागत 1,400 रुपये से कम है। इसे आईआईटी मंडी परिसर के विभिन्न हिस्सों में लगाया जा रहा है।
40 सेकेंड में बैक्टीरिया खत्म करने की सक्ष्मता
आईआईटी मंडी के अपने ही लैब में बैक्टीरिया के खिलाफ इस प्रोटोटाइप का परीक्षण किया गया है। प्रोटोटाइप से यूवी-सी प्रकाश पड़ने के 40 सेकेंड के अंदर दोनों किस्म की बैक्टीरिया को मारने में 99 प्रतिशत सक्षमता दिखी। शोधकर्ताओं ने परीक्षण में यह भी पाया कि यूवी-सी लैंप की वजह से असंक्रमित की गई चीजें गर्म नहीं हुईं।