आईजीएमसी अस्पताल के नई ओपीडी ब्लॉक का काम शुरू हो गया है। दो साल के भीतर यह बनकर तैयार हो जाएगा। ऑकलैंड ब्रिज के पास ही नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सभी ओपीडी को शिफ्ट किया जाना है। हर बीमारी के लिए अलग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी।
प्रारंभिक तौर पर इसकी लागत 56 करोड़ की आंकी जा रही है। पीजीआई की तर्ज पर इसमें तीमारदारों एक बार कार्ड बनाना होगा इसी कार्ड पर वह ओपीडी के भीतर कहीं भी जा सकेंगे। एक मरीज के साथ एक ही कार्ड बनेगा। इससे ओपीडी में तीमारदारों की भीड़ भी काफी कम हो जाएगी।
आईजीएमसी अस्पताल के नए ब्लाक में मरीजों को लाइन में खड़ा रहकर बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आराम दायक कुर्सियां, मरीजों को ले जाने के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था भी होगी। पीने के पानी का प्रबंध होगा। एक्वागार्ड लगाकर साफ पानी मुहैया करवाने का भी प्रस्ताव है।
ये ओपीडी किए जाएंगे शिफ्ट- सभी ओपीडी को नए ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसमें मेडिसन, सर्जरी, आर्थो, कार्डियोलोजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी नेफ्रोलॉजी, आई ओपीडी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी, ईएनटी और सीटीवीएस इत्यादि ओपीडी ब्लॉक बनेंगे। इसमें नई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड और एक्स रे भी इसी ब्लॉक में होंगे। इससे लोगों को अपने इलाज के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही जगह सारे टेस्ट हो जाएंगे।
नया ओपीडी ब्लाक दो साल में- आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि नए ओपीडी ब्लॉक का काम शुरू हो गया है। इसके लिए फिलहाल करीब 56 करोड़ के बजट का प्रावधान है। इसमें सभी विभागों की ओपीडी शिफ्ट करने की योजना है। साल 2017 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है।