इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) प्रबंधन ने एक अजीबोगरीब कारनामा कर डाला है। एक महिला कर्मचारी की रिटायरमेंट के बाद भी प्रबंधन उससे सेवाएं लेता रहा। रिटायरमेंट की जानकारी न तो महिला कर्मचारी को थी न ही विभाग ने इस बारे सूचित किया। महिला का अनुमान था कि उसकी रिटायरमेंट अगस्त में होगी। मंगलवार को जब इस सिलसिले में संबंधित ब्रांच में महिला गई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उसे बताया गया कि मैडम आप की रिटायरमेंट तो एक महीने 6 दिन पहले हो चुकी है। महिला को इस बारे में प्रबंधन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। महिला को रिटायरमेंट के बाद भी पूरी सैलरी मिली। मामला जब प्रबंधन के पास पहुंचा तो उन्होंने इसे विभागीय गलती बताकर छानबीन की बात की। महिला आईजीएमसी में चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी है। महिला यह मानकर चल रही थी कि उसकी रिटायरमेंट अगस्त में होगी।
इसलिए जो छुट्टियां बची हैं उसे काटकर आराम से रिटायरमेंट ले लेंगी। इस दौरान अपने रिटायरमेंट के दस्तावेज तैयार करने का भी सोचा था। सर्विस रिकार्ड चेक करने के बाद इसका खुलासा हुआ कि वो तो पहले ही अपनी सेवा अवधि पूरी कर चुकी है। इस चूक की वजह से महिला कर्मचारी की छुट्टियां भी लैप्स हो गईं। एक महीने से अधिक ड्यूटी भी देनी पड़ी। प्रबंधन ने महिला को भरोसा दिलाया कि इस गलती को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए हैं।
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि विभागीय गलती की वजह से यह चूक हुई है। सर्विस रिकार्ड देखने के बाद पता चला है कि महिला कर्मचारी की रिटायरमेंट पहले हो चुकी थी। कहा कि यह विभागी चूक की वजह से सारा मामला हुआ है। आईजीएमसी कर्मचारी संघ के महासचिव हरिंद्र मेहता ने कहा कि प्रबंधन की घोर लापरवाही से एक महिला कर्मचारी को एक महीने छह दिन अतिरिक्त काम करना पड़ा। उसकी सारी छुट्टियां भी लैप्स हो गईं। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।