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सुविधाएं नहीं, बस टेस्ट शुल्क बढ़ाने पर जोर

Mon, 10 Nov 2014 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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आईजीएमसी अस्पताल में टेस्ट शुल्क तो बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन मरीजों को बेहतर सेवा देने में प्रबंधन के हाथ खड़े हैं। अस्पताल गेट से ही परेशानियों का सिलसिला शुरू हो जाता है। मरीज अगर गाड़ी में आया है तो उसकी गाड़ी पार्क करने की कोई व्यवस्था नहीं। पर्ची बनाने के लिए काउंटर पर घंटों खड़े रहना पड़ता है।
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किसी तरह पर्ची बन गई तो ओपीडी के बाहर फिर से लाइन में खड़े रहो। यहां डाक्टर ने चेक किया और सलाह दी कि एक्सरे या अल्ट्रा साउंड करवाओ। इसके अलावा कुछ दूसरे टेस्ट भी करवाने की सलाह देते हैं। यहां से एक बार फिर मरीज के लिए परेशानी का दौर शुरू हो जाता है। टेस्ट फार्म भरने के बाद उसे एक बार फिर से टेस्ट फीस जमा करवाने के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

हर जगह मिल रहे धक्के
अल्ट्रा साउंड करवाना है तो मरीज को 10 या 15 दिन बाद की डेट दी जाती है। एक्सरे हो जाएगा बशर्ते एक्सरे प्लांट बंद न हो। टेस्ट करवाने के लिए भी धक्के खाने पड़ते हैं। अल्ट्रा साउंड को छोड़कर इस पूरी प्रक्रिया में मरीज को दो से तीन दिन का वक्त लग जाता है। जब वह टेस्ट रिपोर्ट लेकर डाक्टर के पास जाता है तो उसे पता चलता है कि जिस डाक्टर ने उसे टेस्ट लिखे थे वह आज नहीं बैठे हैं।
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अब किसी और दिन बैठेंगे तब आना ? इस कुव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रबंधन की ओर से कभी सार्थक कदम नहीं उठाए गए। मरीज बेहाल हैं लेकिन उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। आईजीएमसी अपनी तुलना पीजीआई से करता है। इस दावे को यहां इलाज के लिए आने वाले मरीज हास्यस्पद करार देते हैं। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अगर शुल्क बढ़ाना ही है तो पहले मरीज को मूलभूत सुविधाएं दो उसी के बाद फीस का बोझ बढ़ाओ।

स्वास्थ्य मंत्री हैं आरकेएस के चेयरमैन
महंगे इलाज को लेकर रोगी कल्याण समिति की 13 नवंबर को बैठक है। समिति के चेयरमैन स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह हैं। बैठक में ऑपरेशन फीस, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और स्पेशल वार्ड की दरें बढ़ाने पर मुहर लग सकती है। प्रबंधन का दावा है कि साल 2009 के बाद किसी भी तरह की टेस्ट फीस बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसलिए इस बार यह प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत मेजर आपरेशन 200 से बढ़ाकर 1000 प्रस्तावित है। अल्ट्रा साउंड 60 से 150 करना प्रस्तावित है।

बैठक के बाद ही कुछ कह पाएंगे
आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक में मरीजों के हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। बैठक के बाद ही इस बारे में साफ तौर पर कुछ बता पाएंगे।
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