छह जनवरी, 2020 को एडिशनल एसपी को जैदी द्वारा किए फोन के बारे में वकील ने कहा कि सौम्या को यह पूछने के लिए फोन किया था कि वह 8 जनवरी को बयान देने आ रही हैं या नहीं, ताकि आरोपी अपने क्रॉस एग्जामिनेशन को तैयार रहे। सीबीआई जज सुशील कुमार गर्ग ने कहा कि आरोपी जैदी ने बेल बांड और व्यक्तिगत बांड की शर्तों का उल्लंघन किया। उन्होंने अभियोजन पक्ष की गवाह सौम्या को डराने और दबाव डालकर बयान बदलने की कोशिश की। जैदी उच्च रैंक के अधिकारी हैं, उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती थी। ऐसे में वह दूसरे गवाहों पर भी दबाव डाल सकते हैँ। यह कहते हुए अदालत ने जैदी की जमानत रद्द कर दी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
शिमला के कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा 4 जुलाई 2017 को लापता हुई। दो दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। एसआईटी ने स्थानीय युवक समेत पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली भी था। कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से उसकी मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजीपी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठियोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया। इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था। वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केस चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।