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Shimla News: जिला परिषद में बैठक से नदारद अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

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चन्द्र प्रभा नेगी
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शिमला। कांग्रेस सरकार बनने के बाद जिला परिषद शिमला की पहली बैठक में नदारद रहे करीब छह अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इसमें विद्युत बोर्ड के एक, लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के दो-दो अधिशासी अभियंताओं से बैठक में गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही एचपीएमसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को बैठक से नदारद रहने पर तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
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एडीसी शिवम प्रताप सिंह ने कहा कि तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारी जवाब नहीं देते हैं तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दरअसल 11 जनवरी को बचत भवन में हुई जिला परिषद की बैठक में सरकारी कार्यालयों/संस्थानों को बंद करने पर जमकर हंगामा हुआ था। बैठक में लगातार अधिकारियों के नदारद रहने का मसला भी खूब गरमाया था। जिले की वर्षा शालिकाओं की मरम्मत का मुद्दा उठा था।
इस दौरान जिप सदस्यों ने लोक निर्माण विभाग से जिले में वर्षा शालिकाओं की मरम्मत करने का आह्वान किया था। लेकिन अधिकारियों के गैरहाजिर हने से विभागों की ओर से सदन में कोई उचित जवाब नहीं दिया गया था। अब फैसला लिया गया है कि अधिकारियों को महज नोटिस जारी करके नहीं छोड़ा जाएगा। इस मामले को राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा।
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इन अधिकारियों को जारी किए गए नोटिस
जिप बैठक में लोनिवि रामपुर मंडल और चौपाल मंडल के अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग नेरवा मंडल और कोटखाई मंडल के अधिशासी अभियंता, विद्युत मंडल चौपाल के अधिशासी अभियंता के अलावा निगम बिहार में एचपीएमसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोट्स
मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायत
जिप की बैठक तीन महीने बाद होती है। कई समस्याओं का हल यहां बातचीत के माध्यम से हो जाता है। बावजूद कई अधिकारी बैठक से नदारद रहते हैं। इससे जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बैठक से लगातार नदारद रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। -चंद्र प्रभा नेगी, अध्यक्ष, जिला परिषद शिमला।
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