हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले फिर बढ़ने पर प्रदेश सरकार चार जिलों में सीरोलॉजिकल (सीरो) सर्वे करवाएगी। इसमें लोगों में विकसित इम्युनिटी का पता लगाया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते यह सर्वे जिला कांगड़ा, चंबा, ऊना और मंडी में करवाया जाएगा। प्रदेश में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 2700 पार हो गया है। इसमें 400 के करीब 18 साल से कम उम्र के युवा और बच्चे शामिल हैं। मामले बढ़ने पर सरकार ने स्कूल 22 अगस्त बंद कर दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले आईसीएमआर संस्थान से सीरो सर्वे करवाने का आग्रह किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीम भेजने की हामी भरी है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि आईसीएमआर कुल्लू जिले में सीरो सर्वे कर चुका है। इसमें 62 फीसदी लोगों में इम्युनिटी विकसित होने की पुष्टि हुई थी।
आईजीएमसी में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में कोरोना संक्रमण के 25 मरीज, टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में 21, नेरचौक में 15, चंबा, हमीरपुर और नाहन मेडिकल कॉलेजों में पांच से दस मरीज भर्ती हैं। आईसीयू में केवल 11 मरीज भर्ती है।
क्या है सीरो सर्वे
सीरो सर्वे जिसकी मदद से यह पता लगाया जाता है कि क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है, कितनी बड़ी आबादी इस वायरस की जद में आई है और कितनी आबादी में लोगों के अंदर इस वायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है या फिर उनके शरीर में एंटीबॉडी बन चुकी है।