जयराम सरकार पर कांग्रेस पहले ही आरोप लगाती रही है कि स्टीयरिंग किसी और के पास है और ब्रेक किसी और के हाथ। अब अपने ही मंत्री ने बाईपास करने का मामला उठाया था। राजनीतिक सूत्र बता रहे हैं कि कांगड़ा के एक मंत्री के कहने पर ही मंत्री को बाईपास कर एमडी की कुर्सी पर फेरबदल किया था। नाराजगी को भांपते हुए सरकार ने अपने पुराने आदेशों में फेरबदल किया है।
मंत्री अनिल शर्मा भी मंडी में अड़ंगा लगाने के आरोप लगा चुके हैं। केसीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने कहा कि सरकार के पूर्व के फैसले से कर्मचारी वर्ग हैरान था। पुनर्विचार करना ही पड़ा। कांग्रेस नेता केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पहले एमडी लगाना और बाद में हटाने से भाजपा का चरित्र दोहरा साबित हुआ है।
मंत्री की नाराजगी के बाद हिमाचल सरकार ने राखिल काहलों को कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की एमडी के पद से हटा दिया है। अब इस बैंक के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त कदम संदीप वसंत को दिया गया है। कदम के अवकाश पर होने पर इस कार्यभार को एडीसी कांगड़ा कमलकांत सरोच देखेंगे।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी की ओर से जारी अधिसूचना में उल्लेख किया है कि सिविल सर्विस बोर्ड की संस्तुति के बाद ही यह तबादला किया गया है। कांगड़ा सहकारी बैैंक की एमडी राखिल काहलों के पास बंदोबस्त अधिकारी कांगड़ा का अतिरिक्त कार्यभार था।
अब वह स्थायी तौर पर बंदोबस्त अधिकारी कांगड़ा नियुक्त की गई हैं। हालांकि, उनके पास विशेष सचिव मुख्यमंत्री कैंप कांगड़ा का भी अतिरिक्त कार्यभार आगामी आदेशों तक पूर्ववत रहेगा।
खली मामले में विवाद के बीच विशेष सचिव कार्मिक अमरजीत सिंह से निदेशक युवा सेवाएं एवं खेल विभाग का कार्यभार वापस ले लिया है। हालांकि आईएएस अधिकारी अमरजीत सिंह को प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में नियमित निदेशक की नियुक्ति के बजाय आईएएस अधिकारी विशेष सचिव शहरी विकास अरिंदम चौधरी को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।