शिमला के प्रतिबंधित मार्गों पर चलने वाली टैक्सियां अब आपकी जेब और ढीली करने जा रही है। शहर में चल रही इन एचआरटीसी टैक्सियों का किराया बढ़ने वाला है।
जुलाई पहले हफ्ते में टैक्सियों के लिए होने वाले टेंडर में किराया बढ़ाने की तैयारी है। एचआरटीसी टैक्सियों का किराया न्यूनतम पांच रुपये तक बढ़ सकता है।
वर्तमान में टैक्सी का किराया 10 और 15 रुपये है। इसे बढ़ाकर 15 और 20 रुपये किया जा सकता है। इससे लोगों खासकर इसमें सफर करने वाले बुजुर्गों पर ज्यादा बोझ पड़ जाएगा।
नए रूट शुरू करने की भी योजना
एचआरटीसी प्रबंधन ने शहर में नए रूटों पर भी टैक्सी सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। एचआरटीसी शहर के नए रूटों पर भी टैक्सी सेवा शुरू करने जा रहा है।
वर्तमान में शहर के 23 रूटों पर एचआरटीसी टैक्सियां चल रही हैं। टेंडर में ही ऑपरेटरों के लिए नई नियमावली भी लागू करने की तैयारी है। टैक्सियों में ओवरलोडिंग, ओवर स्पीड और यात्रियों से दुर्व्यवहार की शिकायतों पर अब रूट परमिट कैंसल करने की शर्त जोड़ी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एचआरटीसी टैक्सी के लिए पिछली बार टेंडर में एक ही ऑपरेटर को शहर के अधिकतर रूट दे दिए गए थे। टैक्सियों के संचालन को लेकर एकाधिकार मिलने से नियमों की जमकर अनदेखी की गई और पात्र लोगों को सुविधा का पूरा लाभ भी नहीं मिला।
इन रूटों पर चल सकती हैं टैक्सियां
आईएसबीटी-सीटीओ, ढली-आईजीएमसी, ढली-लक्कड़ बाजार (मार्केट), ढली-लक्कड़ बाजार (बस स्टैंड), टुटू-सीटीओ, ओल्ड बस स्टैंड-फागली, रिट्ज-जाखू, कनलोग-हाईकोर्ट, भराड़ी-लक्कड़ बाजार, पंथाघाटी - हाईकोर्ट, विकासनगर - हाईकोर्ट, यूनिवर्सिटी (समरहिल)-सीटीओ।
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक आरएन बत्ता का कहना है कि जुलाई में टैक्सियों के लिए टेंडर होने हैं। नए रूटों पर टैक्सियां चलाने और किराये में बढ़ोतरी को लेकर भी फैसला होगा।