सीएम सुक्खू की घोषणा अभी तक नहीं हुई पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनरों ने प्रदेश सरकार पर बजट में पेंशनरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। पेंशनरों ने कहा कि एचआरटीसी के पेंशनरों को बजट से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन बजट में पेंशनरों की मांगों को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई।
पेंशनर नेताओं ने कहा कि एचआरटीसी के 50 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की थी कि पेंशनरों के 9 करोड़ के चिकित्सा बिल जारी किए जाएंगे। अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन के अध्यक्ष केसी चौहान, उपाध्यक्ष सुरेंद्र गौतम, प्रांतीय प्रधान देवराज ठाकुर, महासचिव नानक शांडिल, अतिरिक्त महासचिव राजेंद्र ठाकुर और मीडिया प्रभारी देवेंद्र चौहान ने कहा कि पेंशनरों को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया। पदाधिकारियों ने बताया कि पेंशनरों की मुख्य मांग है कि पेंशन अदायगी का स्थायी समाधान, पेंशनरों को हर माह की पहली तारीख को नियमित पेंशन मिले।
दस सालों से लंबित करोड़ों रुपये की देनदारियों का एकमुश्त भुगतान और चिकित्सा बिलों की राशि का शीघ्र निपटारा शामिल है। इसके अलावा, महंगाई भत्ते (डीए) का पूरा लाभ परिवहन पेंशनरों को देने की मांग भी की है। संगठन का आरोप है कि इलाज के अभाव में कई पेंशनरों की मृत्यु तक हो चुकी है। पेंशनरों ने कहा कि छठे वेतन आयोग की देनदारियां अभी तक नहीं दी गई हैं, जबकि केंद्र सरकार आठवां वेतन आयोग लागू करने की तैयारी में है। ऐसे में राज्य में लंबित बकाया कब मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। प्रदेश में सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।