शहर के लोकल रूटों पर चल रही जेएनएनयूआरएम-1 की 75 लाल बसें जल्द ही शहर की सड़कों से हट जाएंगी। लाल बसों के स्थान पर शिमला के लोकल रूटों पर जेएनएनयूआरएम-2 के तहत मिली नीली मिडी बसें चलेंगी। पहले चरण में एचआरटीसी के मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला डिवीजन को 24 बसें शिफ्ट की जा रही हैं।
शहर के लोकल रूटों पर अब आधुनिक सुविधाओं से लैस लो फ्लोर मिडी बसें ही चलेंगी। एचआरटीसी प्रबंधन ने बीते करीब चार सालों से शहर की सड़कों पर दौड़ रही लाल बसों को मैदानी इलाकों के लिए शिफ्ट करने का फैसला लिया है। पहले चरण में एचआरटीसी के मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला डिवीजन को 8-8 बसे शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एचआरटीसी प्रबंधन का तर्क है पहाड़ों की अपेक्षा मैदानी इलाकों में लाल बसें बेहतर सेवाएं दे सकती हैं। शिमला के लिए नई मिडी बसें मिलने के बाद निगम ने पुरानी लाल बसें मैदानी इलाकों को शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि जेएनएनयूआरएम-1 के तहत शहर को मिलीं लाल बसें चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट की जा रही हैं। लोकल रूटों पर लाल बसों के स्थान पर नई मिडी बसें चलाई जाएंगी।