परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया।
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी कर्मचारियों की सोमवार को शिमला के पुराने बस अड्डे में गेट मीटिंग के बाद निगम के प्रबंध निदेशक ने परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया।
बैठक में मांगों पर चर्चा हुई लेकिन कर्मचारियों की वित्तीय देनदारी के मुद्दे पर प्रबंध निदेशक ने असमर्थता जताई। इसके बाद बैठक बेनतीजा खत्म हो गई। परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि सालों से निगम कर्मियों की मांगे लंबित हैं। एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देने, सालों से लंबित नाइट ओवर टाइम का भुगतान करने, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाने, चालकों का पूर्व की भांति 9880 रुपये का आरंभिक वेतनमान बहाल करने जैसी मांगों को उठाया। प्रबंधन ने कर्मचारियों के लंबित भत्ते देने पर हाथ खड़े कर दिए हैं और मामला सरकार के पाले में डाल दिया है। निगम प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी। मंगलवार को निगम मुख्यालय के बाहर प्रदेशभर से आने वाले निगम कर्मी धरना देंगे। इसे लेकर 31 अगस्त को ही निगम प्रबंधन को नोटिस दे दिया गया था। कर्मचारियों के धरने के कारण बस सेवाएं प्रभावित होने का भी अंदेशा है।