परिवहन संयुक्त समन्वय समिति अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के साथ आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने तीन साल में कर्मचारी हित में किए गए कार्यों का पत्र संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों को भेजा।
जवाब में संयुक्त समन्वय समिति ने कहा कि जीएस बाली झूठी और बनावटी हमदर्दी बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि 48 घंटे का रोस्टर परिवहन मंत्री जीएस बाली के कहने से नहीं हटा बल्कि संयुक्त समन्वय समिति ने संघर्ष करके इसे हटाया है।
समिति ने कहा कि निगम प्रबंधन महंगी बसें खरीद रहा है लेकिन इसमें प्रबंधन की ओर से व्हीकल परचेजिंग कमेटी को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में बस खरीद में गड़बड़ी की आशंका लग रही है। समिति के अध्यक्ष पवन गुलेरिया ने कहा कि परिवहन निगम में 1651 लोगों की नियुक्तियां की गईं।
इसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्तियां की गईं। इसके लिए न तो साक्षात्कार लिए गए और न ही यह पद विज्ञापनों से भरे गए। निगम में 1546 कर्मचारियों की नियुक्ति करते हुए वर्ष 2010 में भर्ती किए गए 133 परिचालकों को आज तक नियमित नहीं किया गया है।
अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों को 4000 और 7200 मासिक वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम की बसों का बीमा न होने से चालकों की रिकवरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का आंदोलन मंत्री को नीचा दिखाना, नहीं बल्कि न्याय दिलाना है।