परिवहन मंत्री जीएस बाली की चेतावनी के बावजूद एचआरटीसी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन के चलते मंगलवार को शिमला में परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। सुबह करीब दस बजे ओल्ड बस स्टैंड में एचआरटीसी कर्मचारी इकट्ठा होना शुरू हुए।
एचआरटीसी मुख्यालय के सामने निगम कर्मियों का जमावड़ा लग गया। बसों को काउंटर पर लगाने की जगह कम पड़ गई। इस कारण बस स्टैंड के एंट्री प्वाइंट तक बसों की कतार लग गईं। बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे पंचायत घर तक बसें खड़ी होने से सर्कुलर रोड जाम हो गया।
जाम के चलते ओल्ड बस स्टैंड से विक्ट्री टनल और दूसरी ओर लिफ्ट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रैफिक पुलिस को वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जाम के कारण ओल्ड बस स्टैंड से विभिन्न रूटों पर रवाना होने वाली बसें तय समय के मुकाबले देरी से रवाना हुई और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। शाम चार बजे के बाद कर्मचारियों के काम पर लौटने से बसें चलना शुरू हुईं।
विक्ट्री टनल से बस स्टैंड पैदल मार्च
जाम के कारण कुछ देर के लिए विक्ट्री टनल से ओल्ड बस स्टैंड की ओर बसों की एंट्री रोक दी गई। ओल्ड बस स्टैंड आ रहे लोगों को विक्ट्री टनल से पैदल ही मार्च करना पड़ा। छोटे बच्चों और भारी भरकम सामान के साथ सफर कर रहे लोगों को सबसे अधिक दिक्कत हुई।
आरएम की अगुवाई में तैनात रहे निरीक्षक
शहर के विभिन्न रूटों पर बसों की नियमित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ओल्ड बस स्टैंड में आरएम लोकल देवासेन नेगी की अगुवाई में निगम के निरीक्षकों का दल तैनात रहा। शहर के तीनों सेक्टरों से लगातार मिल रहे फीडबैक के आधार पर बसें रवाना की गई।
बस स्टॉपों पर दिन भर लगी रही भीड़
एचआरटीसी कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण शहर में पैदा हुई जाम की स्थिति के चलते बसें तय समय पर रूटों पर रवाना नहीं हो पाईं। बस स्टॉपों पर दिन भर लोग बसों के इंतजार में खड़े रहे, लेकिन कुछ बसें देरी से आई तो कुछ आई ही नहीं। जाम के कारण स्कूल टाइम पर भी एचआरटीसी की बसें देरी से रवाना हुईं।