प्रदेश पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों के पेंशन का मामला मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा। निगम पेंशन ट्रस्ट में पैसा नहीं है, ऐसे में निगम को पेंशन देना मुश्किल हो रहा है। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति सरकार से पेंशन दिए जाने की मांग कर रही है।
ऐसे में प्रदेश सरकार ने इस मामले को डिस्कस करने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में लाने की बात कही है। निगम प्रबंधन को इसका प्रारूप तैयार करने को कहा है। संयुक्त समन्वय समिति का कहना है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 1995 में एक अधिसूचना जारी की थी, उसमें कर्मचारियों के पेंशन फंड में 90 फीसदी जबकि 10 फीसदी राशि परिवहन निगम जमा करेगा।
प्रदेश सरकार ने अपनी ओर से 90 फीसदी राशि नहीं दे रही हैं। ऐसे में यह राशि परिवहन निगम के सिर मढ़ दी है। परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। इस समय निगम 700 करोड़ के कर्जें में है। समिति का कहना है कि प्रदेश में ऐसे कई विभाग में जिन्हें निगम की ओर से मुफ्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है, इस एवज में सरकार की ओर से निगम को कम पैसा मिलता है।
निगम के घाटे में जाने का यह मुख्य कारण है। संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खमेंद्र गुप्ता ने कहा कि परिवहन निगम से 4400 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनको पेंशन देने के लिए परिवहन निगम को हर महीने 8 करोड़ रुपये चाहिए।
संयुक्त समन्वय समिति के साथ सप्ताह के भीतर बैठक की जानी है, उनकी पेंशन संबंधित मामले को मंत्रिमंडल में ले जाया जाएगा। जहां इस पर निर्णय लिया जाना है।-जीएस बाली, परिवहन मंत्री।