एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन और परिवहन मंत्री जीएस बाली के बीच जेसीसी बैठक का यूनियन ने बहिष्कार कर दिया।
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मिनी सचिवालय धर्मशाला में एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन और परिवहन मंत्री जीएस बाली के बीच जेसीसी बैठक का यूनियन ने बहिष्कार कर दिया।
यूनियन के उपाध्यक्ष नील कमल और पदाधिकारी शंकर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि कि यूनियन के सदस्य बैठक के लिए पहुंचे तो मंत्री जीएस बाली ने सभी को मोबाइल स्विच ऑफ कर उनके पीएसओ के पास जमा करवाने को कह दिया।
मंत्री के रैवेये से कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंची है। अब वार्ता सरकार से होगी और वो भी शिमला में। सरकार वार्ता चाहती है तो इसकी सूचना उन्हें हड़ताल से 24 घंटे पहले दे। उधर, मंत्री के रैवेये से नाराज यूनियन ने अध्यक्ष पवन गुलेरिया और महासचिव नील कमल की अगुवाई में मिनी सचिवालय से लेकर बस स्टैंड तक नारेबाजी की।
कचहरी अड्डा से लेकर बस स्टैंड तक रोष रैली भी निकाली। यूनियन का आरोप है कि उन्हें अपने वेतन और भत्तों के लिए प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री से भीख मांगनी पड़ रही है। वे रात-दिन सेवाएं दे रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार उनका शोषण कर रही है। कर्मचारियों का ओवरटाइम पिछले डेढ़ साल से नहीं दिया गया है।
14 और 15 की बुकिंग रद्द करवा लें यात्री : बाली
परिवहन मंत्री बाली ने 14 और 15 जून को कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर एहतियातन तौर पर एचआरटीसी बसों में बुकिंग करने वाले पर्यटकों और यात्रियों से बुकिंग रद्द करवाने और यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी उपायों पर विचार किया जा रहा है। पड़ोसी राज्यों से भी संपर्क किया जा रहा है।