एचआरटीसी कर्मचारियों के विरोध में निगम प्रबंधन झुक गया है। सोमवार को जारी आदेशों के बाद निगम प्रबंधन ने मंगलवार को ही अपने आदेश वापस ले लिए हैं। निगम प्रबंध ने कर्मचारियों के लिए ड्यूटी खत्म होने के बाद बसों में मुफ्त यात्रा के लिए एचओडी के अनुमति हस्ताक्षर लेने की कंडीशन लगाई थी।
इसके विरोध में कर्मचारियों ने शिमला में ढली, तारा देवी, आईएसबीटी, पुराना बस अड्डा, परवाणू समेत निगम कार्यालय के बाहर डेढ़ बजे गेट मीटिंग कर अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हिमाचल परिवहन यूनियन के प्रांतीय महासचिव नानक शांडिल ने कहा कि निगम प्रबंधन की ओर से सभी कार्यालय को इस बारे निर्देश जारी किए गए। इसमें कहा गया कि ड्यूटी आफ होने के बाद निगम कर्मचारियों को बसों में निशुल्क यात्रा के लिए अपने- अपने डीडीओ से अनुमति लेनी होगी।
उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के कर्मचारी सुबह से शाम तक परिवहन निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बसों में किराया लेना कर्मचारियों की तोहिन होगी। ऐसे में उन्होंने निगम प्रबंधन से यह फैसला वापस लिए जाने की मांग की।
यूनियन ने निगम प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ऐसे आदेश करने से बाज नहीं आते है तो परिवहन निगम के समस्त कर्मचारी किसी भी प्रकार का आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। सभा को नानक शांडिल, संजय थापा, संजीव, राजीव शर्मा, राम चंद, प्रेम लाल, गुरबचन आदि ने भी शिमला में रैली को संबोधित किया।
निगम प्रबंधन ने वापस लिए अपने आदेश
यूनियन के प्रांतीय महासचिव नानक शांडिल ने बताया कि प्रदेश में धरना प्रदर्शन के बाद यूनियन के पदाधिकारी एमडी से मिले। इसमें निगम प्रबंधन ने यूनियन को अवगत कराया कि कर्मचारियों के लिए लगाए गए निशुल्क यात्रा पर कंडीशन को पास लिया गया है।